जुनून कुर्सी-मेज़ नहीं माँगता। जुनून AC कमरा नहीं माँगता। जुनून सन्नाटा नहीं माँगता। जुनून सिर्फ एक चीज़ माँगता है – “मुझे रुकना नहीं है”वाली ज़िद।
प्रयागराज की 4 छात्राओं ने UP Board 2026 में यही ज़िद दिखाई। दिन में आर्य कन्या इंटर कॉलेज, शाम को स्माइल फॉर ऑल प्रयागराज लर्निंग सेंटर। बीच में चाहे जितनी आवाज़ें हों, जितनी दिक्कतें हों, किताब बंद नहीं हुई। कलम रुकी नहीं। दिमाग भटका नहीं।
ये हैं जुनून के 4 नंबर
1. निशी केसरवानी – 12वीं | 400/500 | प्रथम श्रेणी सम्मान
जहाँ बैठी, वहीं क्लासरूम। जब समय मिला, तभी पढ़ाई। नागरिक शास्त्र 85। चित्रकला 85। भूगोल 80।
जुनून = हर मिनट को मार्क्स में बदलना। लक्ष्य = इस जुनून को आगे पास करना।
शोर में सुर ढूँढना। भीड़ में नोट्स ढूँढना। थकान में हौसला ढूँढना। जुनून = रियाज़ और रिवीजन, दोनों साथ। लक्ष्य = जुनून को आवाज़ देना।
3. आरती – 10वीं | चित्रकला 86
खाली दीवार दिखी तो कैनवास। खाली समय दिखा तो प्रैक्टिस। हिंदी 80। गणित 79। जुनून = हर खाली जगह को रंग देना। लक्ष्य = जुनून से पहचान बनाना।
4. राखी – 10वीं | चित्रकला 70
मौका छोटा या बड़ा नहीं होता। मौका बस मौका होता है। प्रैक्टिकल 30/30। जुनून = मिले हुए समय को 100% देना। लक्ष्य = जुनून को आदत बनाना।
जुनून की तीन शर्तें
1. सीखने की भूख: आर्य कन्या इंटर कॉलेज ने थाली दी, एसएफए केंद्र ने परोसना सिखाया। भूख खुद की थी। 2. रुकने से इनकार: लाइट गई तो मोमबत्ती। शोर हुआ तो ध्यान। जगह मिली तो बैठ गए। 3. कल से बेहतर आज: कल 70 आया था, आज 75 लाना है। कल 80 आया था, आज 86 लाना है।
परिणाम क्या है?
चारों पहली पीढ़ी हैं जो 10वीं/12वीं पार कर रही हैं। पर सबसे बड़ा परिणाम ये नहीं। सबसे बड़ा परिणाम है – इन्होंने साबित किया कि टॉपर हालात से नहीं, आदत से बनते हैं।
जुनून की आदत। रोज़ पढ़ने की आदत। गिरकर उठने की आदत। “नहीं हो पाएगा” को “होके रहेगा” में बदलने की आदत।
आपसे सिर्फ एक बात
आपका कमरा कैसा है? आपका मोहल्ला कैसा है? आपकी जेब कैसी है? सवाल ये नहीं है। सवाल है – आपका जुनून कैसा है?
अगर जुनून है, तो आर्य कन्या इंटर कॉलेज जैसा स्कूल मिल जाएगा। अगर जुनून है, तो स्माइल फॉर ऑल जैसा सेंटर मिल जाएगा। अगर जुनून है, तो निशी जैसी 400 लाने वाली, खुशबू जैसी 75 लाने वाली, आरती जैसी 86 लाने वाली आप भी बन जाओगे।
और अगर किसी का जुनून सिर्फ एक किताब की दूरी पर अटका है, तो वो दूरी मिटा दो।
टीम एसएफए | स्माइल फॉर ऑल प्रयागराज _आर्य कन्या इंटर कॉलेज के साथ_ _क्योंकि जगह हार मान लेती है, जुनून नहीं।_
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